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‘टाइगर ट्रायम्फ 2025’ का समापन, भारतीय और अमेरिकी सेना के तालमेल की दिखी शानदार झलक – Tiger Triumph 2025 concluded a great glimpse of coordination between Indian and American army ntc

भारत और अमेरिका के बीच आयोजित द्विपक्षीय त्रि-सेवा मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) उभयचर अभ्यास ‘टाइगर ट्रायम्फ 2025’ का चौथा संस्करण 11 अप्रैल 2025 को काकीनाड़ा में आयोजित डिस्टिंग्विश्ड विज़िटर्स डे (DV Day) के साथ संपन्न हुआ. इस अवसर पर तमिलनाडु एवं पुडुचेरी नेवल एरिया के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग (FOTNA), अमेरिका के कॉन्सुल जनरल, यूएस नेवी स्ट्राइक ग्रुप फाइव के कमांडर, और 54 इन्फैंट्री डिवीजन के डिप्टी जीओसी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

DV डे के दौरान काकीनाड़ा में और उसके तट के पास जटिल सैन्य अभियानों का प्रदर्शन किया गया, जिनमें स्टैंडऑफ और हार्ड बीचिंग, विशेष बलों द्वारा स्लिदरिंग ऑपरेशन (Mi-17V5 हेलीकॉप्टर से), C-130 विमान की भागीदारी और भारतीय नौसेना, थलसेना, वायुसेना के साथ-साथ अमेरिकी नौसेना, सेना और मरीन कॉर्प्स द्वारा समन्वित वायु अभियान शामिल थे.

इन अभियानों ने भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच संयुक्त अभियान क्षमता, तालमेल और इंटरऑपरेबिलिटी के उच्च स्तर को दर्शाया.

यह अभ्यास 1 से 11 अप्रैल 2025 तक आयोजित किया गया. इसका उद्देश्य HADR अभियानों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना और एक-दूसरे की क्षमताओं, तकनीकों और प्रक्रियाओं से परिचित कराना था. उल्लेखनीय है कि ‘टाइगर ट्रायम्फ’ अभ्यास पहली बार वर्ष 2019 में आयोजित किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य ऑपरेशनल तालमेल बढ़ाना, LEMOA (लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) के तहत लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज को सक्षम बनाना और दोनों सेनाओं के बीच नई तकनीकों के समावेशन को बढ़ावा देना है.

हार्बर फेज 1 से 7 अप्रैल तक विशाखापत्तनम में आयोजित किया गया. इसका उद्घाटन अमेरिका के कार्यवाहक राजदूत जॉर्गन के. एंड्रयूज और ईस्टर्न नेवल कमांड के चीफ ऑफ स्टाफ वाइस एडमिरल समीर सक्सेना द्वारा किया गया. इस चरण में प्री-सेल कॉन्फ्रेंस, विशेषज्ञों के बीच विचार-विमर्श (SMEEs) – जिनमें मेडिकल, ड्रोन, स्पेस आदि विषय शामिल थे – के साथ-साथ क्रॉस डेक विज़िट, बोर्डिंग ड्रिल और खेलों का आयोजन किया गया.

सी फेज, जो 8 से 11 अप्रैल तक काकीनाड़ा तट पर हुआ, जिसमें समुद्री अभियानों, हेलीकॉप्टरों की क्रॉस-डेक लैंडिंग, सैनिकों की तटीय लैंडिंग और एनडीआरएफ की गतिविधियों को शामिल किया गया. HADR अभियान के हिस्से के रूप में एक संयुक्त समन्वय केंद्र (CCC) की स्थापना की गई, साथ ही भारतीय रैपिड एक्शन मेडिकल टीम (RAMT) और अमेरिकी दल द्वारा संयुक्त राहत और चिकित्सा शिविर लगाया गया.

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