Hanuman Jayanti 2025: हनुमान जयंती पर 57 साल बाद बनेगा ये दुर्लभ संयोग, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त – hanuman Jayanti 2025 know date pujan muhurat shubh yog and pujan Vidhi tvisg

Hanuman Jayanti 2025: हनुमान जी का जन्म चैत्र शुक्ल की पूर्णिमा को हुआ था. हनुमान जयंती का पर्व इस साल बड़े ही दुर्लभ संयोग के साथ आया है. ज्योतिषियों का कहना है कि हनुमान जयंती इस वर्ष 12 अप्रैल यानी कल शनिवार के दिन पड़ रही है जो कि बजरंगबली का प्रिय दिन है. कहते हैं कि इस दिन बजरंगबली की विधि-विधान से पूजा करने वालों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. हनुमान की उपासना के लिए यह दिन बहुत ही उत्तम माना गया है. 

हनुमान जयंती का शुभ मुहूर्त (Hanuman Jayanti 2025 shubh muhurat) 

चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि शनिवार, 12 अप्रैल को सुबह 03 बजकर 21 मिनट से प्रारंभ होकर रविवार, 13 अप्रैल को सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर समाप्त होगी. 

हनुमान जयंती पर पूजा का पहला शुभ मुहूर्त 12 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 34 मिनट से सुबह 9 बजकर 12 मिनट तक है. इसके बाद दूसरा शुभ मुहूर्त शाम को 6 बजकर 46 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 08 मिनट तक रहेगा. इस अवधि में आप किसी शुभ कार्य की शुरुआत भी कर सकते हैं.

हनुमान जयंती पर 57 साल बनेगा ये दुर्लभ संयोग

इस बार की हनुमान जयंती बहुत ही अद्भुत रहने वाली है क्योंकि इस दिन शनि 57 साल बाद पंचग्रही योग का निर्माण करने वाले हैं. इस दिन हस्त नक्षत्र में मीन राशि में पंचग्रही योग बनेगा. सूर्य, शनि, राहु की त्रियुति होगी और साथ ही, शुक्र-बुध के संयोग से लक्ष्मी नारायण योग बनेगा.

हनुमान जयंती पर कैसे करें पूजा 

हनुमान जयंती पर शाम को लाल वस्त्र बिछाकर हनुमान जी की मूर्ति या फोटो को दक्षिण मुंह करके स्थापित करें. खुद लाल आसन पर लाल वस्त्र पहनकर बैठ जाएं. घी का दीपक और चंदन की अगरबत्ती या धूप जलाएं. चमेली तेल में घोलकर नारंगी सिंदूर और चांदी का वर्क चढ़ाएं. इसके बाद लाल फूल से पुष्पांजलि दें. लड्डू या बूंदी के प्रसाद का भोग लगाएं. केले का भोग भी लगा सकते हैं. दीपक से 9 बार घुमाकर आरती करें और ‘ऊं मंगलमूर्ति हनुमते नमः’ मंत्र का जाप करें.

हनुमान जयंती उपाय

धन प्राप्ति के लिए करें ये उपाय 

हनुमान पूजा कोई भी स्त्री पुरुष कर सकते हैं. हनुमान जंयती पर एक विशेष उपाय करने से धन प्राप्ति के मार्ग मजबूत होता है. हनुमान जी पर जल चढ़ाने के बाद पंचामृत चढ़ाएं. तिल के तेल में नारंगी सिंदूर घोलकर चढ़ाएं. चमेली की खुश्बू या तेल चढ़ाएं. हनुमान जी को लाल पुष्प ही चढ़ाएं. आप गुड़ या गेहूं के आटा की रोटी और चूरमे का भोग भी लगा सकते हैं. साथ ही ‘मंत्र श्री राम भक्ताय हनुमते नमः’ का जाप करें.

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