Success Story: बिना कोचिंग JEE Mains में लगातार 100 पर्सेंटाइल, ये है साई मनोगना का गोल्डन रूल और टारगेट! – JEE Mains Topper Sai Manogna Guthikonda Success Story who got 100 nta score second time Know how she prepare without coaching amnr

JEE Mains Topper Sai Manogna Guthikonda: जेईई मेन्स सेशन-2 (अप्रैल सेशन) का परिणाम घोषित हो चुका है. इस सेशन में अलग-अलग राज्यों के कुल 24 स्टूडेंट्स ने 100 पर्सेंटाइल एनटीए स्कोर हासिल किया है. 100 एनटीए स्कोर करने 24 स्टूडेंट्स में केवल दो लड़कियां देवत्त माझी (पश्चिम बंगाल) और साई मनोगना गुथिकोंडा (आंध्र प्रदेश) शामिल हैं. खास बात यह कि सेशन-2 में टॉप करने वाली आंध्र प्रदेश की होनहार छात्रा साई मनोगना गुथिकोंडा ने जेईई मेन्स सेशन-1 में भी टॉप किया था.

साई मनोगना गुथिकोंडा, जेईई मेन्स सेशन-1 (जनवरी 2025) में टॉप करने वाली अकेली स्टूडेंट्स थीं. अपने 17वें जन्मदिन पर इससे बड़ा गिफ्ट क्या हो सकता है. बावजूद इसके उन्होंने फिर से जेईई मेन्स दिया और इस बार भी जनरल कैटेगरी में 100 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं. सेशन-1 में 14 स्टूडेंट्स ने 100 पर्सेंटाइल स्कोर किया था जिनमें साई मनोगना अकेली फीमेल कैंडिडेंट थीं. वहीं सेशन-2 में दो फीमेल कैंडिडेंट्स (देवत्त माझी और साई मनोगना गुथिकोंडा) ने टॉप किया है.

बिना कोचिंग ऐसे की जेईई मेन्स की तैयारी
सेशन-1 में 100 पर्सेंटाइल स्कोर करने पर साई मनोगना ने इंग्लिश न्यूज वेबसाइट इंडियन एक्स्प्रेस को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने जेईई मेन्स की तैयारी के लिए किसी कोचिंग इंस्टीट्यूट में एडमिशन नहीं लिया था क्योंकि उन्हें लगा कि जेईई मेन्स के लिए उनकी तैयारी पूरी है. हालांकि वे अपने दोस्तों के साथ ग्रुप स्टडी करती थीं.

उन्होंने इंटरव्यू में कहा था, “मेरे टीचर्स और दोस्तों ने मुझे हर समय सपोर्ट किया. मुझे ऐसे विषय पसंद हैं जिनमें तर्क होता है और इसलिए, कंप्यूटर साइंस और गणित मेरे पसंदीदा हैं. मेरे छह दोस्त हैं, जिनके साथ ग्रुप स्टडी करती थी.”

रोजाना 12 से 14 घंटे की पढ़ाई
अपने स्टडी स्ट्रेटजी के बारे में साई ने बताया था कि वे जेईई मेन्स की तैयारी और अपनी स्कूली पढ़ाई के लिए रोजाना 12 से 14 घंटे निकालती थीं.  उन्होंने कहा, ‘रेगुलर रिवीजन करने से मुझे आत्मविश्वास हासिल करने में मदद मिली. रविवार ही एकमात्र ऐसा दिन था जब मैं आराम करती थी. देर से उठती थी, IIT स्टूडेंट्स की मोटिवेशन वीडियो देखती थी जो आईआईटी में जीवन और रिसर्च आदि के बारे में बताते थे.’

10वीं के बाद सोशल मीडिया से बना ली दूरी
सोशल मीडिया के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा था, “मैं कक्षा 10 तक इंस्टाग्राम पर थी, लेकिन फिर मैंने अपना अकाउंट इनएक्टिव कर दिया. मैं अपनी पढ़ाई पर फोकस करना चाहती थी, लेकिन सोशल मीडिया एक डिस्ट्रैक्शन था. शुरू में यह मुश्किल था, लेकिन मैंने फैसला किया कि अगर मुझे एक अच्छे कॉलेज में एडमिशन चाहिए, तो मुझे यह हमेशा के लिए छोड़ना होगा.’

100 पर्सेंटाइल के बाद दोबारा क्यों दिया जेईई मेन्स सेशन-2?
साई मनोगना ने कहा, ‘फिलहाल, मैं अच्छी रैंक पाने का लक्ष्य बना रही हूं. मुझे इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन पसंद है, लेकिन मैंने अभी तक किसी कॉलेज और ब्रांच के बारे में फैसला नहीं किया है.’ उन्होंने कहा था, ‘मेरा फोकस EE एडवांस्ड पर है, लेकिन मैंने प्रैक्टिस के लिए अप्रैल सेशन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है.’

मुंख्यमंत्री ने मिलकर दी थी बधाई

जेईई मेन्स सेशन-1 में 100 पर्सेंटाइल लाने वाली देश की अकेली छात्रा साई मनोगना को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने मिलकर बधाई थी. उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर साई मनोगना और उनके माता-पिता के साथ ली गई फोटोज शेयर की थीं. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा था, ‘आज हमारे JEE टॉपर साई मनोगना गुथिकोंडा और उनके गौरवान्वित माता-पिता से मिलकर प्रसन्नता हुई. आंध्र प्रदेश के युवा असाधारण रूप से प्रतिभाशाली हैं, और हम उनकी क्षमता को निखारने के लिए प्रतिबद्ध हैं. GoAP हमारे शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को बुनियादी ढांचे से लेकर शिक्षण उत्कृष्टता और उससे भी आगे तक उन्नत करने पर केंद्रित है. हमारा लक्ष्य एक अनुकूल वातावरण बनाना है जहां प्रतिभाएं पनप सकें. हम चाहते हैं कि हर बच्चा अपनी पूरी क्षमता हासिल करे.’

 

भाई IIIT का स्टूडेंट, पिता मैकेनिकल इंजीनियरिंग के टीचर और मां न्यूट्रिशनिस्ट
मूल रूप से आंध्र प्रदेश के पालनाडु जिले की रहने वाली साई मनोगना भाष्यम जूनियर कॉलेज की छात्रा हैं और इसी साल आंध्र प्रदेश बोर्ड से इंटरमीडिएट द्वितीय वर्ष की परीक्षा (कक्षा 12 की परीक्षा) दी है, जो मार्च में आयोजित की गई. साई मनोगना की मां पद्मजा एक न्यूट्रिशनिस्ट हैं. बड़ा भाई केरल के कोट्टायम जिले में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT) में फाइनल ईयर का स्टूडेंट है. छात्रा के पिता आंध्र प्रदेश के गुंटूर में RVR और JC कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में मैकेनिकल इंजीनियरिंग पढ़ाते हैं.

बता दें कि अप्रैल सेशन के जईई मेन्स एग्जाम में सबसे अधिक सात टॉपर्स राजस्थान से हैं. इसके बाद महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के तीन-तीन छात्रों ने टॉप किया है. दिल्ली के 2, पश्चिम बंगाल-2, गुजरात के 2, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के 1-1 स्टूडेंट ने 100 पर्सेंटाइल स्कोर किया है.

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