राजस्थान: कांग्रेस के पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के ठिकानों पर रेड, चिट-फंड घोटाले का मामला – ED Raid In Rajasthan On Pratap Singh Khachariyavas Premises InChit Fund Scam NTC

राजस्थान के राजनीति जगत में हलचल मचाते हुए, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास के ठिकानों पर छापेमारी की है. इस कार्रवाई का संबंध चर्चित पीएसीएल चिटफंड घोटाले से है, जिसने देशभर में बड़ी संख्या में निवेशकों को प्रभावित किया था. सूत्रों के मुताबिक, ईडी खाचरियावास की इस स्कीम में कथित भूमिकाओं की जांच कर रही है. उनपर आरोप है कि उनका इस स्कीम से जुड़ाव रहा है और उन्हें इससे लाभ मिला है.

यह मामला सबसे पहले 2011 में जयपुर के चौमू थाने में दर्ज किया गया था. इसके बाद से पीएसीएल कंपनी पर देशभर में कई मामले दर्ज हुए. कंपनी पर आरोप है कि उसने रियल एस्टेट में निवेश के नाम पर करोड़ों लोगों से निवेश करवाया और फिर उनकी रकम वापस नहीं लौटाई. अकेले राजस्थान में करीब 28 लाख निवेशकों से 2850 करोड़ रुपये जुटाए गए थे.

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5.85 करोड़ लोगों ने किया था निवेश

पीएसीएल के इस घोटाले में देशभर से 5.85 करोड़ लोगों ने 49,100 करोड़ रुपये का निवेश किया था. 2014 में नियामक संस्था सेबी ने कंपनी की स्कीम्स को अवैध घोषित कर दिया और इसके बाद कंपनी का कारोबार बंद करवा दिया गया. 2016 में, सुप्रीम कोर्ट ने सीजेआई (रिटायर्ड) आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया और कंपनी की संपत्तियों की नीलामी कर निवेशकों को उनके पैसे लौटाने का आदेश दिया.

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पीएसीएल की संपत्तियां 1.86 लाख करोड़ की!

सेबी के आकलन के मुताबिक, पीएसीएल की संपत्तियां 1.86 लाख करोड़ की हैं, जो निवेश की गई राशि से कहीं अधिक हैं. अब ईडी की जांच में उन लोगों और अधिकारियों की पहचान की जा रही है जिन्होंने इस घोटाले से डायरेक्ट या इनडायरेक्ट रूप से लाभ उठाया. खासतौर से, राजस्थान में बड़ी राजनीतिक और आर्थिक हस्तियों की भूमिका की जांच चल रही है.

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